Breaking News
Breaking News
Home » Bihar » Aurangabad » औरंगाबाद : इस पंचायत के विद्यालय में नहीं है शौचालय , खुले में शौच जाती है छात्र छात्राए सहित शिक्षिका ,ओडीएफ घोषित कर वाह वाही लुट रहे अधिकारी

औरंगाबाद : इस पंचायत के विद्यालय में नहीं है शौचालय , खुले में शौच जाती है छात्र छात्राए सहित शिक्षिका ,ओडीएफ घोषित कर वाह वाही लुट रहे अधिकारी

धीरज कुमार

मगध एक्सप्रेस [ 14 अप्रैल 18 ];- ओबरा प्रखंड मुख्यालय के उब पंचायत के कझवा गांव में राजकीय मध्य विद्यालय कझवा में शौचालय नहीं रहने से बच्चो को खुले में शौच जाना पड़ता है । ग्रामीणों कि माने तो  इस विद्यालय में  भवन तो बन गई है ,लेकिन इस विद्यालय में अभी तक शौचालय नहीं बन पाया है, जिससे बच्चों एवं बच्चियों को पढ़ाई के दौरान  खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है ,बताते चले कि इस विद्यालय में दो शिक्षीका एवं दो शिक्षक कार्यरत है ,शिक्षिका से जब बातचीत किया गया तो शिक्षका ने भी बताया कि बच्चों के पढ़ाई के दौरान अगर टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ती है ।तो हम लोग भी खुले में ही शौच के लिए जाते हैं । आए दिन देखा जाए तो सरकार को स्वच्छता अभियान के तहत गांव में शौचालय बनवाने को लेकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है । करोडो रुपया इस अभियान में खर्च किया जा रहा है लेकिन सवाल उठता है कि क्या विद्यालय परिसर में शौचालय की जरूरत नहीं है ।वही ग्रामीणों ने बताया कि 2012 में यह नया भवन का निर्माण हुआ था और इसे विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र वार्ड नंबर आठ चलता है, जिसके बच्चे भी पढ़ने इसी स्कूल परिसर में आते है  । लेकिन शौचालय नहीं होने के कारण हम लोगों के बच्चे एवं शौच के लिए बाहर जाती है। यह कितना शर्म की बात है ।लोगों ने बताया कि इस असुविधा के लिए हम लोगों ने प्रखंड मुख्यालय पर जाकर कई बार पदाधिकारियों को ध्यान आकर्षित कराया , लेकिन कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। वही देखे तो प्रखंड मुख्यालय में बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर स्वच्छता अभियान की प्रचार करते देखा जाता है ,और प्रखंड मुख्यालय के पदाधिकारियों द्वारा गांव में जाकर शौचालय बनाने की बात कही जाती है ।लेकिन क्या पढ़ने वाले बच्चों की विद्यालय में शौचालय की जरूरत नहीं है ।

वही जब एक शिक्षिका से बात की गई तो उन्होंने नाम ना बताते हुए, बताया कि हम लोगों को भी बहुत शर्म लगती है ,जब क्रिया करने में बाहर जाना पड़ता है ।फजीहत तो तब होती है ,कि जब आसपास के ग्रामीण लोग विघालय के पास रहते हैं तब हम लोगों को शौचालय जाने में शर्म लगती है । लेकिन पदाधिकारियों द्वारा यहां पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, वही कझवा विद्यालय के प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी ने बताया कि हमने अपने विद्यालय में शौचालय बनवाने को लेकर कई बार आवेदन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दी है ,लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है ।

क्या कहते हैं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

उन्होंने कहा कि हम ओबरा प्रखंड में नए आए हुए हैं हमें कझवा विद्यालय में शौचालय ना होने की बात संज्ञान में नहीं है । हमें मीडिया के माध्यम से वहां पर शौचालय ना होने की बात सामने आई है ।मैं प्राथमिकता देते हुए अपने विभाग को एक आवेदन जल्द से जल्दी लिखूंगा  और यथाशीघ्र कछवा विद्यालय में शौचालय बनाने का प्रयास करूंगा।

ओबरा के ऊब पंचायत में आता है कझवा गांव

ओबरा प्रखंड के उब पंचायत में यह कक्षवां विद्यालय आता है ,जहां जिले के पूर्व डीएम द्वारा इस पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया था .लेकिन विद्यालय में शौचालय नहीं होना और बच्चो के साथ साथ पुरे विद्यालय प्रबंधन को खुले में शौच जाना ओडीएफ कि घोषणा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है .जिस समय इस पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया था उस वक्त प्रखंड से लेकर पंचायत तक और जिला मुख्यालय तक के अधिकारी लगातार यहाँ दौरा कर रहे थे और पंचायत के हर घर में शौचालय बनवाने को लेकर महाभियान चलाकर शौचालय बनाए जा रहे थे लेकिन उस वक्त विद्यालय को लेकर कोई पहल नहीं कि गई जिसके कारण आज भी विद्यालय के छात्र एवं छात्राए सहित पुरुष और महिला शिक्षिका तक खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर है .

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में जल्द से जल्द शौचालय नहीं बनाया गया ,तो हमलोगो के द्वारा प्रखंड मुख्यालय पर आक्रोशित धरना प्रदर्शन किया जाएगा । इस मौके पर उपस्थित रहें महाराणा प्रताप सिंह, राहुल कुमार सिह ,सोनू कुमार सिह , गुणवंत कुमार सिह , रामनाथ सिह , अमरनाथ इत्यादि लोगों ने जल्द से जल्द कझवा मध्य विद्यालय में शौचालय बनवाने की मांग कि है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

x

Check Also

औरंगाबाद:65 वर्षो से लगातार हो रही पूजा,मेले का भी होता है आयोजन

Share this on WhatsAppआशुतोष मिश्रा मगध एक्सप्रेस(20 अक्टूबर 18):-दशहरा का मेला भले ही अपना स्वरूप बदलता जा रहा है लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रो में दशहरा के मेला का अपना एक अलग पहचान है।कुटुम्बा प्रखण्ड के रिसिअप में पिछले 62 वर्षो से लगातार आदर्श नवयुवक समिति द्वारा दुर्गापूजा का आयोजन किया जाता रहा है और विजया दशमी के दिन मेले का आयोजन किया जाता है जिसमे भारी संख्या में आस पास क्षेत्र के ग्रामीण पहुंच कर मेले की शोभा बढ़ाते है। इस वर्ष भी प्रत्येक वर्ष की भांति दुर्गा पूजा के अवसर पर मेला का आयोजन किया गया।मेले में आस पास क्षेत्रो के ग्रामीणों ने खूब आनंद लिया ।रिसिअप बाजार में लगे ।दुर्गा पूजा समिति के सदस्य के साथ- साथ रिसिअप थाना पुलिस का भी भरपूर सहयोग रहा।रिसिअप थाना पुलिस विधि व्यवस्था से लेकर यातायात को संभालते नजर आई।खाने पीने से लेकर सभी तरह के सामानों की मेले में आये लोगो द्वारा जम कर खरीददारी की गई। स्थानीय निवासी अखिलेश मेहता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष यहां मेला लगता है।उन्होंने कहा कि इस बार मेला पिछले साल के जैसा नही है।इस बार मेले में भीड़ कम है।वही स्थानीय पवन स्वीट्स के जितेंद्र गुप्ता ने बताया मेला में इस बार पहले ...

औरंगाबाद:तीन बच्चे सहित बुद्ध पूर्णिमा ट्रेन आगे कूदे दंपति ,पति पत्नी की मौत

Share this on WhatsAppमगध एक्सप्रेस(20 अक्टूबर 18):-बीती रात तीन बच्चो सहित बुद्ध पूर्णिमा ट्रेन के आगे दंपति द्वारा आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 12 बजे बनारस से राजगीर जा रही बुद्ध पूर्णिमा ट्रेन के आगे तीन बच्चो के साथ दंपति ने छलांग लगा दी जिसमे दंपति की मौत हो गई वही मृतक महिला के गोद मे पड़ा दो वर्ष के मासूम को घटना में हल्की चोट आई है ।इसके अलावा 9 वर्ष की एक पुत्री और 16 वर्ष का पुत्र सुरक्षित बताया जा रहा है।मृतक दंपति बारुण थाना क्षेत्र के बारुण थाना क्षेत्र के झूमर बिगहा के रहने वाले बताये जा रहे है। Share this on WhatsApp

अमृतसर में रेल हादसा , पचास से ज्यादा लोगो की मौत , राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक ,रेल राज्यमंत्री मौके पर रवाना

Share this on WhatsAppमगध एक्सप्रेस [ 19 अक्टूबर 18 ];-दशहरा में रावण दहन कार्यक्रम के दौरान अमृतसर के चौड़ा बाजार इलाके में जोड़ा फाटक के पास एक बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है साथ ही कई लोग घायल हुए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए ट्वीट में लिखा, ‘अमृतसर रेल हादसे की वजह से बेहद दुखी हूं। यह घटना दिल दहलाने वाली है। जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया मेरी संवेदना उनके साथ है। मैं प्रार्थना करूंगा कि घायल लोग जल्दी स्वस्थ हों। अधिकारियों से बात की है और लोगों को त्वरित राहत देने के लिए कहा है।’ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा, ‘अमृतसर में हुए हादसे से मुझे बहुत सदमा पहुंचा है। मृतकों के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। रेल प्रशासन लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।’हादसे पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुख जताते हुए कहा कि अमृतसर के निकट एक ट्रेन हादसे का दुखद समाचार मिला है।मैं अपने कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि घटना स्थल पर जाकर राहत कार्य में प्रशासन की मदद करें। साथ ही अपने स्तर पर पीड़ितों की राहत ...

औरंगाबाद : देव के सूर्यकुंड तालाब एवं जिला मुख्यालय के गांधी मैदान में हुआ दस बुराइयों के प्रतिक रावण का अंत

Share this on WhatsAppमगध एक्सप्रेस [19 अक्टूबर 18 ];-दशहरा का त्यौहार सम्पूर्ण भारत में उत्साह और धार्मिक निष्ठा के साथ मनाया जाता है। अच्छाई की बुराई पर जीत का त्यौहार विजयदशमी प्रत्येक वर्ष नवरात्री की समाप्ति के बाद दसवें दिन मनाया जाता है।  हिन्दू पंचांग के अनुसार यह आश्विन माह के दसवें दिन शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। विजयादशमी के रोज भारत में रावण दहन की परंपरा है ,इसलिए आज पुरे देश भर में रावण का पुतला बनाकर दहन किया गया। कहा जाता है कि इस दिन भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष का वनवास भोगकर तथा रावण का वध कर अयोध्या पहुँचे थे। इसलिए भी इस पर्व को ‘विजयादशमी’ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय ‘विजय’ नामक मुहूर्त होता है। यह काल सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है। इसलिए भी इसे विजयादशमी कहते हैं। क्या है दशहरा  दशहरा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द ‘दश- हर’ से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ दस बुराइयों से छुटकारा पाना है। दशहरा उत्सव, भगवान् श्रीराम का अपनी अपहृत पत्नी को रावण पर जीत प्राप्त कर छुड़ाने के उपलक्ष्य में तथा अच्छाई की बुराई पर विजय, के प्रतीकात्मक रूप में मनाया जाता है। दशहरा उत्सव दुर्गोत्सव ...