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औरंगाबाद : 26/3 -BLACK MONDAY, पूरा शहर जल रहा था तो कर्तव्य निर्वहन कर रहे थे पत्रकार

मगध एक्सप्रेस [2 अप्रैल 18 ];- औरंगाबाद  में रामनवमी  जुलुस के दौरान हुए पथराव , आगजनी  ,तोड़फोड़  के बाद  औरंगाबाद पुलिस  के द्वारा लगातार  कि जा रही कार्यवाई के बाद पुरे जिले में दहशत का माहौल व्याप्त है |अभिभावक अपने बच्चो  को इस लिए घरों से बहार नहीं भेज रहे कि कहीं वो भी पुलिसिया कार्यवाई के शिकार न हो जाये वही सोशल मीडिया के फेसबुक व्हात्सप्प पर औरंगाबाद  पुलिस कि बड़ी भद्द पिट रही है|लोग औरंगाबाद पुलिस पर कई तरह के गंभीर आरोप लगा रहें है |पूरा सोशल मीडिया  औरंगाबाद दंगो को लेकर छाया हुआ है वही  पुलिस लगातार सोशल मिडिया पर पोस्ट करने वाले लोगो पर नजर रखी हुयी है और प्राथमिकी भी दर्ज कि जा रही है |

 

पूरा शहर जल रहा था सडको पर कर्तव्य निर्वहन कर रहे थे पत्रकार

औरंगाबाद में हुए आगजनी ,तोड़फोड़ के बाद मौके पर पहुंचे मगध प्रमंडल के आयुक्त जितेन्द्र श्रीवास्तव ,डीआई जी विनय कुमार जिस समय पहुंचे थे उस समय पूरा शहर जल रहा था और पुलिस के सांस फूल रहे थे ,जगह जगह से गोली बारी कि सुचना मिल रही थी और सडको पर पुलिस गाड़ी यह कहते हुए दौड़ रही थी पुरे शहर में धारा  144 लगा दिया गया है ,शहर में कर्फ्यू लगा है ,तथा देखते ही गोली मार देने का आदेश भी जारी कर दिया गया है .डीआईजी और आयुक्त जिस वक्त पहुंचे उस वक्त शहर में मुख्य चौक पर जिले के कई पत्रकार जिनमे प्रभात खबर के पूर्व ब्यूरो चीफ सह जिला पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह , ब्यूरो चीफ सुजीत सिंह , इण्डिया न्यूज़ के पत्रकार धीरज पाण्डेय ,आज तक से अविनेश कुमार ,जी न्यूज़ से मनीष सिन्हा ,दिग्या न्यूज़ के मंटू कुमार ,बिहार न्यूज़ के विजय श्रीवास्तव ,जन टीवी के रुपेश कुमार , केशव कुमार सिंह सहित अन्य पत्रकार मौजूद थे , उपस्थित पत्रकारों ने जब डीआईजी और आयुक्त कि तस्वीरे खिंची तो अधिकारियों ने माना कर दिया और थोड़ी देर बाद जब आपसी बातचीत के बाद अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च का निर्णय लिया और कहा कि जो पत्रकार है उन्हें भी साथ ले चलिए जिसपर एसपी डॉ सत्य प्रकाश ने कहा था कि पत्रकार अपने गाडी से चलेंगे जिसके बाद जिले के पत्रकार सुजीत सिंह , आशुतोष मिश्रा , मंटू कुमार , रुपेश कुमार ,विजय श्रीवास्तव ,धीरज पाण्डेय सभी कवरेज में फ्लैग मार्च में शामिल डीआईजी और आयुक्त के साथ थे .पत्रकार कि यह टीम रात्री के 11 बजे तक प्रशासन कि एक एक कार्यवाई को देख रही थी , खबरों के बारे में नेशनल चैनल के पत्रकार अपने  टीवी चैनल के ब्यूरो को टेलीफोन पर बता रहे थे क्योकि शहर में इंटरनेट कनेक्शन पूरी तरह ठप था .

 

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