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औरंगाबाद :26 /3 BLACK MONDAY ,पुलिस ने दो पत्रकारों को बनाया दंगाई , प्रशंसनीय कार्य करने का मिला इनाम

मगध एक्सप्रेस [2 अप्रैल 18 ];-  औरंगाबाद जिले में 26 मार्च सोमवार को रामनवमी जुलुश के दौरान हुई पत्थरबाजी ,आगजनी और हिंसा के बाद औरंगाबाद के दो पत्रकार इण्डिया न्यूज़ के धीरज पाण्डेय ,और बिहार न्यूज़ के विजय कुमार श्रीवास्तव पर पुलिस ने आईपीसी कि कई संगीन धाराओ पर मुक़दमा दर्ज कर दिया है ,जिससे जिले के प्रखंड में काम करने वाले पत्रकारों में काफी रोष है और दहशत है . पुलिस ने धीरज पाण्डेय और विजय श्रीवास्तव पर नगर थाना काण्ड संख्या 97 , 98 ,99 , 100 ,101 ,सहित कई अन्य काण्ड संख्या में आईपीसी कि धारा 147 ,148 ,149 ,337 ,323 ,435 ,436 , 427 ,307 ,232 ,233 353 ,153 A ,295 A ,379 सहित कई अन्य संगीन धाराओं में मुक़दमा किया गया है .

पथराव के बाद माइक पर चिल्लाने लगा अधिकारी

बताते चले कि 26 मार्च को हिंसा के दौरान पत्रकार धीरज पाण्डेय और विजय श्रीवास्तव अपने अपने चैनल के लिए कवरेज कर रहे थे कि अचानक शहर के मस्जिद के आगे पथराव होने लगी ,पथराव के बाद मस्जिद के पास बने कैम्प में मौजूद एक अधिकारी अचानक से माइक से चिल्लाने लगता है कि जो भी व्यक्ति ढेला चला रहे है ढेला न चलाये , अफवाह पर ध्यान न दें ,इत्यादि बयान देना शुरू कर दिया जिसके बाद जय श्री राम के नारे लगाते लोग अचानक से रुक गए और सभी कि निगाहें मस्जिद के आगे चल रही पथराव पर चली जाती है . औरंगाबाद एसपी डॉ सत्य प्रकाश जहाँ मौजूद होते है वहां धीरज पाण्डेय पहुँचते है ,पत्रकार धीरज पाण्डेय एसपी साहब को पत्थर से बचने के लिए कहते है तबतक कई पत्थर के छोटे छोटे टुकड़े बरसने लगे और कुछ पत्रकार धीरज पाण्डेय घायल हो जाते है उनका सर फुट जाता है और घायल हो जाते है जिसके बाद एसपी डॉ सत्य प्रकाश धीरज पाण्डेय को वहां से हटने के लिए कहते थे जिसके बाद धीरज पाण्डेय रमेश चौक पर चले जाते है और वहां जैसे ही मोबाइल कैमरा से वीडियो खींचते है तभी दो युवक कई कई पत्रकारों के सामने तलवार लेकर मुंह बांधे हुए कैमरा बंद करने कि धमकी देते है जिसके बाद सभी पत्रकार वहां से हट जाते है और अचानक से भगदड़ होती है जिसके बाद पत्रकार धीरज पाण्डेय , आज तक के पत्रकार अभिनेश कुमार , एनडीटीवी के पत्रकार राजेश श्रीवास्तव , ईटीवी के पत्रकार संजय सिन्हा , पूजा समिति के अध्यक्ष सुबोध पाण्डेय , जी न्यूज़ के पत्रकार मनीष कुमार हिन्दुस्तान अखबार के कार्यालय में घुस जाते है और वहां छत पर जाकर कवरेज कर रहे होते है .जैसे ही पुलिस रमेश चौक से उपद्रवियों को खदेड़ देती है उसके बाद सभी पत्रकार बारी बारी से हिन्दुस्तान अखबार के कार्यालय से निकलते है और वापस अगलगी के बाद कवरेज में जुट जाते है . जिले के सभी पत्रकार रमेश चौक पर मौजूद थे और पुलिस के वरीय अधिकारी एसपी डॉ सत्य प्रकाश और जिलाधिकारी सभी अधिकारियों को अलग अलग दिशा में कार्यवाई का निर्देश देते है और पुलिस कप्तान डॉ सत्य प्रकाश अपने वाहन से शहर में धारा 144 लगाने और कर्फ्यू लगाने का अलाउन्स्मेंट करते निकल जाते है .

 

5 बजे जिलाधिकारी ने कि प्रेस वार्ता , पत्रकार धीरज पाण्डेय वहां थे मौजूद

शहर में आगजनी पथराव के बाद औरंगाबाद के वर्तमान जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल अपने सरकारी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है और पुरे मामले पर अपना पक्ष रखते है . जिलाधिकारी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पत्रकारों के साथ पत्रकार धीरज पाण्डेय रहते है और जिलाधिकारी से सवाल भी पूछते है कि सर क्या गोलीबारी कि भी सुचना है ” जिसपर जिलाधिकारी कहते है कि नावाडीह से एक खबर आई है जिसमे एएसपी अभियान और अधिकारी कार्यवाई कर रहे है .

अब सवाल यह उठता है कि पत्रकार धीरज पाण्डेय जब पुलिस के सामने थे ,डीएम के साथ रमेश चौक और 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे तो प्राथमिकी दर्ज करने वाले दंडाधिकारी ने उन्हें घटना को अंजाम देते हुए कहा देखा ,कहाँ दृष्टिपात हुआ,यह जांच का विषय है .

पत्रकार धीरज पाण्डेय और विजय श्रीवास्तव ने कहा है कि 26 तीन को मै मस्जिद के पास बने बेस कैम्प से आगे गया ही नहीं तो खट्टा मीठा रेस्टोरेंट के पास मजिस्ट्रेट को कैसे दिख गया .महाराजगंज रोड में मै गया ही नहीं तो वहां मौजूद मजिस्टेट को कैसे दिख गया , एफआईआर करने वाले अधिकारी के पास किसी भी तरह के नारे लगाते हुए वीडियो फुटेज ,हिंसा ,आगजनी करते हुए कोई तस्वीर है तो उसे सार्वजनिक करें ,कम से कम शहर में मौजूद सभी पत्रकारों को दिखाया जाय ,यदि हमलोग कहीं दोषी है तो हमलोग को बेशक जेल भेज दिया जाय ,दंगाई घोषित किया जाय , लेकिन अगर निर्दोष है तो औरंगाबाद पुलिस कप्तान डॉ सत्य प्रकाश और एसडीपियो पी एन साहू सर से अनुरोध है कि मेरा जीवन बर्बाद न करें और मेरे साथ न्याय करें .

नोट : पूरी खबर पत्रकार धीरज पाण्डेय और विजय श्रीवास्तव के साथ बातचीत के अंश पर आधारित

 

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